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कà¥à¤¯à¤¾ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवाओं को खाने का कोई बेहतरीन समय होता है?
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को साइलेंट किलर à¤à¥€ कहा जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤¤ से लोग यह जान à¤à¥€ नहीं पाते कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ है. इसके लकà¥à¤·à¤£ शà¥à¤°à¥‚ में फ़ौरन दिखाई नहीं देते इसलिठकà¤à¥€-कà¤à¥€ सही समय पर सही कदम उठाने में देरी à¤à¥€ हो जाती है. हालांकि, अगर इसका इलाज ना किया जाà¤, तो इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लोग बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बीमार हो सकते हैं और इससे मौत à¤à¥€ हो सकती है. हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से इनमें से कोई à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है:
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•
हारà¥à¤Ÿ अटैक
किडनी फ़ेलियर
अंधापन
हालांकि, लाइफ़-सेविंग दवाओं के रूप में à¤à¤• उमà¥à¤®à¥€à¤¦ जागी है. जो लोग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¥› करते हैं, सेहतमंद खाना खाते हैं और इसके साथ रोज़ाना अपनी दवाà¤à¤‚ लेते हैं, वे अपना बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रख सकते हैं. दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में क़रीब 1 अरब 13 करोड़ लोग हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की चपेट में हैं. पर कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि इनमें शायद पांच में से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ही इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रख पाता है?2
कà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवाà¤à¤‚ खाने का समय बदलने से इसे बेहतरीन तरीके से कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखने में मदद मिल सकती है? à¤à¤• नई सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¥˜, बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवाà¤à¤‚ सà¥à¤¬à¤¹ के बजाठरात में खाने से हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से जà¥à¥œà¥‡ रिसà¥à¤• को लगà¤à¤— आधा किया जा सकता है.3
जानें, रिसरà¥à¤š कà¥à¤¯à¤¾ कहती है?
सà¥à¤ªà¥‡à¤¨ में 2008 और 2018 के बीच 40 पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ केयर कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤•à¥à¤¸ में à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की गई. हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ क़रीब 19,000 लोगों ने इसमें हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया, जिनकी औसत उमà¥à¤° 60 साल थी. इन सà¤à¥€ को दो गà¥à¤°à¥à¤ª में बांटा गया. à¤à¤• गà¥à¤°à¥à¤ª से उनकी बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवाà¤à¤‚ सà¥à¤¬à¤¹ लेने को कहा गया, दूसरे गà¥à¤°à¥à¤ª को रात में. इनमें से हर à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर औसतन क़रीब 6 साल नज़र रखी गई. हर किसी की सेहत की साल में कम से कम à¤à¤• बार जांच की गई और इनके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पर 48 घंटे नज़र रखी गई. इनमें से किसी के साथ à¤à¥€ नीचे दी गई घटनाओं में से कोई घटना घटी, तो रिसरà¥à¤šà¤°à¥à¤¸ ने उसे रिकॉरà¥à¤¡ किया.
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•
हारà¥à¤Ÿ फ़ेलियर
हारà¥à¤Ÿ अटैक
बंद या संकरी हो चà¥à¤•ी हारà¥à¤Ÿ आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¥› को फैलाने के लिठकिया गया पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤œà¤°
दिल की बीमारियों की वजह से हà¥à¤ˆ मौत
सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के आख़िर में सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में हिसà¥à¤¸à¤¾ लेने वालों में से 9% ने ऊपर दी गईं घटनाओं में से à¤à¤• या ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का सामना किया. सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में पाया गया कि इसमें हिसà¥à¤¸à¤¾ लेने वालों में से जिन लोगों ने रात के समय दवा ली, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ऊपर दी गई कंडीशंस में से कोई à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 45% कम हो गई थी. रिसरà¥à¤šà¤°à¥à¤¸ ने यह à¤à¥€ पाया कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवाà¤à¤‚ रात के समय लेने से किडनी का कामकाज à¤à¥€ बेहतर हà¥à¤† और बà¥à¤²à¤¡ में ख़राब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का लेवल काफ़ी हद तक कम हà¥à¤†.3
सेहतमंद लोगों के साथ-साथ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कà¥à¤› पेशेंटà¥à¤¸ में à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¤• सरà¥à¤•ैडियन रिदम दिखाता है. यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ रिदम है जो हर 24 घंटे में खà¥à¤¦ को दोहराती है, जैसे कि बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° रात में कम रहता है, सà¥à¤¬à¤¹ तेजी से बढ़ता है और आमतौर पर दोपहर के बाद सबसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤¾ हà¥à¤† होता है.4
हालांकि, हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° वाले कà¥à¤› लोगों में रात के समय बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम नहीं होता है.5 इसकी वजह यह हो सकती है कि उनकी बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवाओं का असर ज़रूरत के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¥˜ समय तक बना नहीं रह पाता. यानी सà¥à¤¬à¤¹ में ली जाने वाली दवाओं का असर शायद रात तक नहीं रह जाता, जिस वजह से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° शरीर के आराम करने के दौरान à¤à¥€ कम नहीं होता.6 कई सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¥› से पता चलता है कि à¤à¤¸à¥‡ लोगों में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° 24 घंटे से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय हाई रहता है और इनमें हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की वजह से होने वाले जोख़िमों का ख़तरा à¤à¥€ बॠजाता है.
सà¥à¤à¤¾à¤µ
जैसा कि कई सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¥› में देखा गया है, अगर सोते समय बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवाà¤à¤‚ ली जाà¤à¤‚, तो लंबे समय तक हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° रहने की वजह से होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है.5 वैसे, अपनी बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवाà¤à¤‚ लेने के रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ में कोई à¤à¥€ बदलाव करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° का सà¥à¤à¤¾à¤µ ज़रूर लें.7
और हां, सिरà¥à¥ž दवाà¤à¤‚ लेना ही काफ़ी नहीं है. अगर दवाओं के साथ सेहतमंद खानपान और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ लाइफ़सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² à¤à¥€ अपनाई जाà¤, तो आपका शरीर लंबे समय तक सेहतमंद रहेगा. इसलिà¤, अपनी सेहत का ख़ास ख़याल रखें. à¤à¤¸à¤¾ करके ही आप à¤à¤• सेहतमंद और खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤² ज़िंदगी बिता सकते हैं.
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